भारत-पाकिस्तान सीमा पर अब और ज्यादा कड़ी होगी सुरक्षा, किए जा रहे ये बदलाव

नई दिल्ली, केंद्र सरकार जल्द ही भारत- का दावा है कि सीमाओं पर मौजूद कुछ खंडों में पाकिस्तान समेत बांग्लादेश सीमाओं पर मौजूद जो फेसिंग लगी हैं वो इतनी पुरानी हैं कि उनके बाड़ (फेसिंग) को बदलने जा रही है। इसके जरिए भारतीय सीमा में घुसना बहुत आसान है। बदले अब ज्यादा प्रभावी एंटी-कट फेसिंग का वर्तमान में जहां पर कमजोर फेसिंग लगी हैं वहीं प्रोयग किया जाएगा। बीएसएफ सूत्रों ने बताया अहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की कि कई खंडों को बदला जा चुका है और अब तैनाती की गई है। पिछले साल केंद्र सरकार सिर्फ एंटी-कट फेसिंग ही यहां लगाई जाएंगी। ने दो पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत करीब 71 सूत्रों के मुताबिक 7.18 किलोमीटर की फैसिंग किलोमीटर की दूरी कवर की है, जिसमें 10 लगा दी गई है, जिसकी कीमत 14,30,44,000 किलोमीटर क्षेत्र भारत-पाकिस्तान सीमा और है। इसका मतलब एक किलोमीटर फेसिंग की 61 किलोमीटर क्षेत्र भारत-बांग्लादेश सीमा का कीमत लगभग 1.99 करोड़ है। बीएसएफ के कवर किया गया है। मुताबिक सरकार पाकिस्तान और बांग्लादेश अब सरकार स्टेज-2 और स्टेज-3 के अंतर्गत सीमाओं पर मौजूद फेसिंग को ज्यादा प्रभावशाली कुल 1955 किलोमीटर की दूरी एंटी-कट फेसिंग फेसिंग में तब्दील करने का काम कर रही है। के जरिए कवर करने की तैयारी में है। व्यापक अब यहां सिर्फ एंटी-कट फेसिंग का उपयोग एकीकत सीमा प्रबंधन प्रणाली परियोजना में सीमा किया जाएगा। पार अपराधों का पता लगाने और नियंत्रित करने, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सिलचार सेक्टर के अवैध घुसपैठ, तस्करी के सामानों की तस्करी, लाठीटीला में नई फेसिंग लगाई गई हैं जबकि मानव तस्करी और सीमा पार आतंकवाद जैसे कुछ खंडों में इसका काम अभी चल रहा है। सूत्रों बीएसएफ की क्षमता में काफी सुधार होगा।